🪐 शनि का प्रभाव
शनि कर्म का कारक ग्रह है। साढ़ेसाती (7.5 वर्ष) और धैया (2.5 वर्ष) में शनि की दशा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। शांति पूजा से इसका प्रभाव कम होता है।
⚠️ शनि दोष के लक्षण
- आर्थिक समस्याएं और हानि
- नौकरी में परेशानी
- स्वास्थ्य समस्याएं (हड्डी, जोड़)
- मानसिक तनाव
- पारिवारिक विवाद
- कार्यों में बाधा
🔥 शनि शांति उपाय
- ✅ तैलाभिषेक: शनिवार को तेल से शनि देव का अभिषेक
- ✅ शनि मंत्र जप: 23,000 या सवा लाख जप
- ✅ छाया दान: तेल, काले तिल, लोहा दान
- ✅ शनि स्तोत्र: दशरथ कृत शनि स्तोत्र
🪐 शनि शांति
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- साढ़ेसाती कब होती है?
जब शनि चंद्र राशि के 12वें, 1ले और 2रे भाव में गोचर करता है। यह 7.5 वर्ष चलती है।
- तैलाभिषेक कहां करवाएं?
शनि मंदिर में शनिवार को। वाराणसी में भी व्यवस्था करवाई जा सकती है।
