हमारी सेवाएं

शास्त्रोक्त वैदिक ज्योतिष के आधार पर विभिन्न समस्याओं का समाधान

🔮 ज्योतिष सेवाएँ

जन्म कुंडली निर्माण

बेसिक/एडवांस रीडिंग + उपाय; PDF रिपोर्ट उपलब्ध।

कुंडली मिलान

गुण मिलान + दोष जाँच + विवाह मुहूर्त सुझाव।

मासिक/वार्षिक भविष्यफल

आने वाले समय की स्पष्ट दिशा, लक्ष्य-आधारित प्लान।

मुहूर्त निर्धारण

विवाह/गृह प्रवेश/नामकरण/वाहन-खरीद हेतु शुभ समय।

वास्तु परामर्श

घर/ऑफिस/दुकान के लिए दिशा-ऊर्जा संतुलन।

रत्न परामर्श

योग्य रत्न, शुद्धता व धारण विधि की सलाह।

हस्तरेखा (Palmistry)

हस्त संकेतों से करियर/रिश्ते/स्वास्थ्य संकेत।

अंक ज्योतिष (Numerology)

नाम/ब्रांड/बिज़नेस के लिए नंबर संतुलन।

प्रश्न कुंडली

एक फोकस्ड प्रश्न का सटीक ज्योतिषीय उत्तर।

उपाय/उपचार परामर्श

सरल, शास्त्रोक्त और व्यावहारिक उपाय।

लाल किताब परामर्श

सरल टोटके, प्रभावी दिशा—केस-टू-केस।

करियर/बिज़नेस काउंसलिंग

लंबी अवधि की रणनीति + मासिक फॉलो-अप।

⚡ समस्या-विशिष्ट परामर्श

प्रेम विवाह समस्या समाधान

पारिवारिक विरोध, जाति-धर्म बाधा, मनाली करना।

पति-पत्नी विवाद समाधान

गृहस्थ जीवन में शांति, समझदारी व प्रेम वापसी।

नौकरी/करियर समस्या

बेरोजगारी, प्रमोशन देरी, करियर दुविधा समाधान।

व्यापारिक हानि/घाटा

बिज़नेस में नुकसान, पैसा फंसना, ग्राहक कमी।

संतान प्राप्ति समस्या

संतान न होना, गर्भपात, पुत्र प्राप्ति इच्छा।

स्वास्थ्य समस्याएं

लंबी बीमारी, मानसिक तनाव, अवसाद मुक्ति।

🔥 अनुष्ठान (कर्मकांड)

कालसर्प दोष शांति

दोष निवारण के शास्त्रोक्त विधान से राहत।

नवग्रह शांति

ग्रह अनुकूलता व मानसिक स्थिरता के लिए।

मंगल दोष शांति

विवाह/क्रोध/विवाद में संतुलन के लिए।

राहु-केतु शांति

भ्रम, रुकावटें, नज़र/निगेटिविटी में राहत।

पितृ दोष शांति/तर्पण

पूर्वजों की कृपा व कुल-शांति हेतु।

महामृत्युंजय जप

आयु, स्वास्थ्य, साहस में वृद्धि हेतु।

रुद्राभिषेक

शिव-अनुग्रह, शुद्धि व स्थिरता के लिए।

दुर्गा सप्तशती पाठ

शक्ति, साहस, सुरक्षा व इच्छित सिद्धि।

शनि शांति/तैलाभिषेक

साढ़ेसाती/धैया के प्रभाव में राहत।

वास्तु दोष निवारण

दिशा-ऊर्जा का सम्यक् संतुलन।

संतान प्राप्ति अनुष्ठान

पंचम भाव/शुक्र-गुरु योग सुदृढ़ करना।

धन-वृद्धि पूजन

व्यापार/नौकरी में प्रगति व स्थैर्य।

🙏 अन्य पूजन-पाठ

सत्यनारायण कथा

गृह-शांति, समृद्धि व कुटुम्ब मंगल।

सुंदरकांड पाठ

आत्मबल, सुरक्षा व विघ्न-निवारण।

गृह प्रवेश पूजन

नए घर में शुभारंभ व दिशात्मक संतुलन।

नामकरण संस्कार

नक्षत्र/राशि अनुसार नाम व जप।

अन्नप्राशन/मुण्डन

बाल संस्कार शुद्धि व मंगल।

विवाह संस्कार

शास्त्रोक्त विधि से सप्तपदी/फेरों का संपादन।

भूमि पूजन

निर्माण आरंभ के पूर्व शक्ति-संचार।

लक्ष्मी-गणेश/दीपावली पूजन

समृद्धि, शुभ लाभ व वर्ष-आरंभ शुद्धि।

नोट: सभी अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से; सामग्री व ब्राह्मण व्यवस्था सम्भव।

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