🐍 कालसर्प दोष क्या है?
जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो कालसर्प दोष बनता है। यह जीवन में कई समस्याओं का कारण बनता है:
- करियर में बार-बार रुकावट
- विवाह में देरी या समस्या
- आर्थिक अस्थिरता
- स्वास्थ्य समस्याएं
- मानसिक तनाव और अशांति
- संतान प्राप्ति में बाधा
🔥 कालसर्प दोष शांति पूजा में क्या होता है?
- ✅ नाग पूजन: शास्त्रोक्त विधि से नाग देवता की पूजा
- ✅ राहु-केतु जाप: 18,000+ मंत्र जाप
- ✅ हवन: विशेष सामग्री से हवन
- ✅ दान: उचित दान का विधान
- ✅ ब्राह्मण भोजन: पंडितों को भोजन
- ✅ प्रसाद: पूजा का प्रसाद आपको भेजा जाता है
📍 पूजा कहाँ होती है?
- वाराणसी: काशी के प्रसिद्ध मंदिरों में
- त्र्यंबकेश्वर: नासिक में त्र्यंबकेश्वर मंदिर
- ऑनलाइन: आपकी उपस्थिति के बिना भी पूजा संभव
📋 पूजा के लिए क्या चाहिए?
- पूरा नाम
- जन्म तिथि, समय, स्थान
- गोत्र (अगर पता हो)
- पिता का नाम
🙏 पूजा बुक करें
कॉल: +91 9129167356
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- कालसर्प दोष की पहचान कैसे होती है?
कुंडली विश्लेषण से पता चलता है। जब सभी ग्रह राहु-केतु के बीच हों तो यह दोष होता है। 12 प्रकार के कालसर्प दोष होते हैं।
- क्या मुझे वाराणसी आना होगा?
नहीं, आप आ सकते हैं या पूजा आपकी अनुपस्थिति में भी हो सकती है। पूजा की वीडियो और प्रसाद भेजा जाता है।
- पूजा का प्रभाव कब दिखता है?
अधिकांश लोगों को 21-45 दिनों में सकारात्मक परिवर्तन महसूस होता है। पूर्ण प्रभाव 3-6 महीने में।
- पूजा की फीस क्या है?
पूजा की दक्षिणा दोष के प्रकार और पूजा के स्तर पर निर्भर करती है। WhatsApp पर संपर्क करें।
- क्या एक बार पूजा से दोष पूरा खत्म हो जाता है?
शास्त्रोक्त विधि से की गई पूजा से दोष का प्रभाव काफी कम हो जाता है। कुछ मामलों में वार्षिक पूजा की सलाह दी जाती है।
