मंगल दोष शांति

विवाह में रुकावट, क्रोध और विवाद के समाधान के लिए शास्त्रोक्त पूजा

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♂️ मंगल दोष (मांगलिक दोष) क्या है?

जब कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो, तो मंगल दोष बनता है। इसे मांगलिक दोष भी कहते हैं। यह मुख्य रूप से विवाह और वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है।

⚠️ मंगल दोष के प्रभाव

  • विवाह में देरी
  • वैवाहिक जीवन में कलह-क्लेश
  • क्रोध और अहंकार की समस्या
  • संबंधों में तनाव
  • दुर्घटना का भय
  • भाई-बहनों से विवाद

🔥 मंगल दोष शांति पूजा में क्या होता है?

  • मंगल पूजन: शास्त्रोक्त विधि से मंगल देव की पूजा
  • मंत्र जाप: मंगल बीज मंत्र का 10,000+ जाप
  • हनुमान पूजा: हनुमान जी की विशेष पूजा
  • हवन: लाल वस्तुओं से हवन
  • दान: लाल वस्तुओं का दान
  • कुंभ विवाह: गंभीर दोष होने पर

💡 मंगल दोष के उपाय

  • मंगलवार का व्रत
  • हनुमान चालीसा पाठ
  • मूंगा रत्न धारण
  • मंगल शांति पूजा
  • कुंभ विवाह (गंभीर मामलों में)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • मंगल दोष कैसे पता चलता है?

    कुंडली विश्लेषण से पता चलता है। जब मंगल 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो मंगल दोष होता है। तीव्रता भाव और राशि पर निर्भर करती है।

  • यह एक आम धारणा है, लेकिन हमेशा सत्य नहीं। कई स्थितियों में दोष निरस्त हो जाता है। कुंडली का पूर्ण विश्लेषण जरूरी है।

  • गंभीर मंगल दोष होने पर पहले विष्णु मूर्ति, पीपल के पेड़ या मिट्टी के घड़े से प्रतीकात्मक विवाह किया जाता है। इससे दोष निवारण होता है।

  • कुछ विद्वान मानते हैं कि 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव कम हो जाता है, लेकिन यह सभी पर लागू नहीं होता।

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