पितृ दोष शांति
पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार में सुख-समृद्धि के लिए शास्त्रोक्त अनुष्ठान
अभी संपर्क करें🙏 पितृ दोष क्या है?
जब पूर्वजों की आत्मा असंतुष्ट रहती है, या उनका श्राद्ध-तर्पण ठीक से नहीं होता, तो पितृ दोष बनता है। यह परिवार की कई पीढ़ियों को प्रभावित कर सकता है।
⚠️ पितृ दोष के लक्षण
- संतान प्राप्ति में बाधा
- पुत्र न होना
- परिवार में बार-बार बीमारी
- आर्थिक समस्याएं
- विवाह में देरी
- पारिवारिक कलह
- अकाल मृत्यु का भय
- मानसिक अशांति
🔥 पितृ दोष शांति पूजा
- ✅ पिंडदान: गया या काशी में पिंडदान
- ✅ नारायण बलि: विशेष अनुष्ठान
- ✅ तर्पण: पितरों को जल अर्पण
- ✅ श्राद्ध: विधिवत श्राद्ध कर्म
- ✅ ब्राह्मण भोजन: पंडितों को भोजन दान
- ✅ गौ दान: गाय दान या गौ सेवा
📍 पितृ दोष निवारण के स्थान
- गया: सबसे महत्वपूर्ण पिंडदान स्थल
- काशी (वाराणसी): मणिकर्णिका घाट
- हरिद्वार: गंगा तट पर
- प्रयागराज: त्रिवेणी संगम
🙏 पूजा बुक करें
कॉल: +91 9129167356
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पितृ दोष कैसे पता चलता है?
कुंडली में नवम भाव, सूर्य और चंद्र की स्थिति से पितृ दोष का पता चलता है। लक्षणों से भी पहचान होती है।
- क्या गया जाना जरूरी है?
गया सबसे महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन काशी में भी पिंडदान और तर्पण किया जा सकता है। हम वाराणसी में पूजा करवाते हैं।
- श्राद्ध पक्ष में ही करना जरूरी है?
श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) में करना सर्वोत्तम है, लेकिन अमावस्या या तिथि के अनुसार अन्य समय भी किया जा सकता है।
- पितृ दोष कितनी पीढ़ियों तक प्रभावित करता है?
यह 3-7 पीढ़ियों तक प्रभावित कर सकता है। एक बार निवारण होने पर आने वाली पीढ़ियां भी लाभान्वित होती हैं।
