💎 रत्न परामर्श में क्या शामिल है?
- ✅ कुंडली विश्लेषण: ग्रह स्थिति के अनुसार रत्न निर्धारण
- ✅ सही रत्न चयन: आपके लिए उपयुक्त रत्न
- ✅ वजन निर्धारण: कितने रत्ती का रत्न पहनना चाहिए
- ✅ धातु: सोना, चाँदी या अन्य धातु की सलाह
- ✅ धारण मुहूर्त: सही दिन और समय
- ✅ प्राण प्रतिष्ठा: रत्न को शुद्ध और सक्रिय करने की विधि
💍 नवग्रह और उनके रत्न
| ग्रह | मुख्य रत्न | उपरत्न |
|---|---|---|
| सूर्य | माणिक्य (Ruby) | गार्नेट, सुनहला |
| चंद्र | मोती (Pearl) | मूनस्टोन |
| मंगल | मूंगा (Coral) | कार्नेलियन |
| बुध | पन्ना (Emerald) | पेरिडॉट |
| गुरु | पुखराज (Yellow Sapphire) | टोपाज़ |
| शुक्र | हीरा (Diamond) | ज़िरकन, ओपल |
| शनि | नीलम (Blue Sapphire) | एमेथिस्ट |
| राहु | गोमेद (Hessonite) | - |
| केतु | लहसुनिया (Cat's Eye) | - |
⚠️ महत्वपूर्ण: बिना कुंडली विश्लेषण के रत्न धारण न करें। गलत रत्न हानिकारक
हो सकता है, विशेषकर नीलम।
📋 परामर्श के लिए क्या चाहिए?
- जन्म तिथि, समय, स्थान
- वर्तमान समस्या (यदि कोई हो)
- पहले से कोई रत्न पहने हैं?
💎 परामर्श बुक करें
कॉल: +91 9129167356
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या सभी को रत्न पहनना चाहिए?
नहीं, रत्न कुंडली के अनुसार ही पहनना चाहिए। कमजोर या अशुभ ग्रह का रत्न नहीं पहनना चाहिए।
- नीलम पहनना खतरनाक है क्या?
नीलम बहुत शक्तिशाली रत्न है। शनि अनुकूल हो तभी पहनना चाहिए। पहले 3 दिन टेस्ट करके देखें।
- उपरत्न असली रत्न जैसा काम करता है?
उपरत्न का प्रभाव कम होता है लेकिन बजट में होने पर यह विकल्प अच्छा है। वजन थोड़ा ज्यादा रखना होता है।
- रत्न कितने दिन में असर करता है?
आमतौर पर 30-45 दिनों में प्रभाव दिखने लगता है। कुछ मामलों में पहले सप्ताह में ही संकेत मिलते हैं।
